Maharajganj Times

Maharajganj : बाढ़ के गहरे पानी में फंसे बच्चे, SDM और तहसीलदार ने गोद में उठाकर कराया रास्ता पार

Maharajganj
Thursday, 01 Oct, 2026
0
263

 

 

 

5.43 लाख क्यूसेक के रिकॉर्ड डिस्चार्ज के बाद अब घटने लगा गंडक का पानी, 1.19 लाख क्यूसेक पर पहुंचा प्रवाह

 

महराजगंज टाइम्स ब्यूरो:- नेपाल के तराई इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद उफनाई गंडक नदी का कहर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। सोमवार तड़के वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से इस सीजन का रिकॉर्ड 5 लाख 43 हजार 500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद निचलौल और सोहगीबरवा क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। बुधवार शाम चार बजे बैराज से डिस्चार्ज घटकर 1 लाख 19 हजार क्यूसेक रह गया, जिसके बाद प्रभावित इलाकों में राहत की स्थिति बनी है। बाढ़ के चलते सोहगीबरवा क्षेत्र के भोतहा और शिकारपुर के कई टोलों में पानी भर गया था। संपर्क मार्गों पर पानी आने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार को पानी घटने के बाद भी कई जगह रास्ते पूरी तरह साफ नहीं हुए हैं। सोहगीबरवा गांव में क्षतिग्रस्त सड़क के हिस्से में अभी पानी जमा है, जबकि अधिकांश स्थानों पर पानी घुटने से नीचे रह गया है।

बच्चों को गोद में उठाकर कराया रास्ता पार

बाढ़ के बाद जमीनी हालात का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम अवनीश त्रिपाठी और तहसीलदार अमित सिंह जब सोहगीबरवा की ओर जा रहे थे, तो शिकारपुर के पहले रास्ते में अभी भी गहरा पानी मिला। यहां छोटे बच्चों को पानी के बीच से गुजरने में परेशानी हो रही थी। स्थिति देखते हुए एसडीएम और तहसीलदार ने बच्चों को खुद गोद में उठाया और गहरे पानी से सुरक्षित रास्ता पार कराया। अधिकारियों के इस मानवीय प्रयास ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। इसके बाद अधिकारियों की टीम सोहगीबरवा पहुंची और बाढ़ के बाद की स्थिति का निरीक्षण किया। एसडीएम की अध्यक्षता में तहसीलदार अमित सिंह, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा, बीडीओ और एमओआईसी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, मेडिकल सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। गंडक का जलस्तर लगातार घटने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है, हालांकि प्रशासन अभी भी प्रभावित इलाकों में निगरानी बनाए हुए है।